नए साल की पहली मुलाकात के इंतजार में
नए साल की पहली मुलाक़ात के इंतजार में मन थोड़ा चंचल सा है उस हंसी पल के इंतजार में ..... क्लेंडेर बदलने से कुछ नहीं होता, बस साल बदला है कुछ खास तो नहीं हुआ ना । बस बात चली है, अभी खास ए मुलाक़ात का एहसास तो नहीं हुआ ना ।।1।। जो अजीज मिल गया था, इस साल ऐसा मन को आभास जरूर हुआ है। लेकिन मौजिज से मिलना अभी भी, कहाँ खास-ए-मंजूर हुआ है।।2।। दिल का अजीज न, मिलने से होता है, न कोई मौजिज एहसास होता है। ये तो दिल की तमन्ना है, कि उससे मिलने की तलब का एहसास होता है।।3।। पहली मुलाक़ात जो है, वो इतनी आसां भी नहीं होती है। कोशिश भले दोनों और से हो फिर भी मुक्कम्मल नहीं होती है।।4।। शिकायत ये नहीं कि दोनों को अवसर न मिला। शायद उस मुलाक़ात को तकदीर का असर न मिला।।5।। नए साल की पहली मुलाक़ात के इंतजार में मन थोड़ा चंचल सा है उस हंसी पल के इंतजार में ..... पहली मुलाक़ात सिर्फ मुलाक़ात नहीं खास एहसास होती है । पसंदीदा शख्स से होने वाली मुलाक़ात की बात ही खास होती है ।।6।। ऐसा नहीं है की ...